कविताएँ अब पढ़ी नही जाती
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कविताएँ अब पढ़ी नही जाती
कोई नही पढ़ता उन्हे
कविता पढ़ने को चाहिए
रगों में लहू, लहू मे उबाल।
आँखो मे करूणा, हृदय मे प्यार
मन मे शांति, विवेक मे धार।...
1 week ago


1 comment:
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